इंतजार: वक्त के दो पहलू
इंतजार एक बहुत ही अलग सा एहसास है।
कोई अपने जीवन में आने वाली खुशियों का
इंतजार करता है ,
तो कोई अपने जीवन में चल रही
परेशानियों के चले जाने का इंतजार करता है
और सच कहूं तो
कही ना कहीं इंतजार भी ,
अमीरी और गरीबी के भेदभाव से
परिपूर्ण सा हो चुका है।
पता है कैसे ?
तो सुनो ....
इंतजार! किसी को अच्छे से अच्छा
खाना खाने का इंतजार है ,
तो किसी को सिर्फ पेट भरने के लिए
दो रोटी का इंतजार ।
शान और शौकत से परिपूर्ण
मकान बनाने का इंतजार,
तो किसी को बस यही इंतजार
कि सिर ढकने के लिए
कम से कम एक छत तो हो।
अच्छे से अच्छे और महंगे से महंगे कपड़े
खरीदने और उन्हें पहनने का इंतजार,
तो किसी को सिर्फ
बदन ढकने के लिए एक जोड़ी
कपड़े मिलने का इंतजार।
इंतजार! किसी के पास सब कुछ होते हुए भी,
ईश्वर से बहुत कुछ पाने का इंतजार,
तो दूसरी ओर
किसी गरीब की झोपड़ी में रहने
वाले को इंतजार, कि
अब तो उनका ईश्वर
उनकी ओर भी एक दृष्टि डाले,
उनके जीवन में चल रहे संघर्षों की
समय सीमा खत्म करे,
उनके संघर्षों को कुछ तो कम करे,
ताकी वह भी एक आम जिंदगी जी सके।
इंतजार! कि भगवान मेरी यह प्रार्थना
स्वीकार होते ही मैं आपके मंदिर में
इतनी राशि का भेंट चढ़ाऊंगा,
और किसी को इंतजार,
की अब तो उनकी भी बारी आए,
उन्हें भी
मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर में प्रवेश मिले,
ताकी वह भी
अपने अनंत ईश्वर के दर्शन कर सके,
अपने ईश्वर के दर्शन कर सके।
बस चलता ही रहता है,
और अन्त में कुछ शेष रह जाता है तो
वो है इंतजार!
सिर्फ एक इंतजार।
वक्त बदल जाता हैं,हालात भी बदल जाते हैं
अगर कुछ नहीं बदलता तो वो है
इंतजार!
हां,हर इंसान के लिए इसके मायने
जरूर बदल जाते हैं,
पर फिर भी अंत में कुछ शेष रह जाता हैं
तो वो हैं, इंतजार!
सिर्फ एक इंतजार।
क्या आपने भी ऐसे इंतजार को
कभी महसूस किया हैं?
जो अमीरी और गरीबी के
भेदभाव से परिपूर्ण सा हो?
अपने विचार जरुर कमेंट में साझा करें।
P.S
Mikku ki is diary me apki hazri or apke
Vichar dono hi bohot keemati hai.
To please apne vichar ke sath apna
Nam bhi zaroor share kijiyega,
Taki mera manobal or bhi badhe or
Mujhe pata chale ki meri is rachna ko
Kisne etna pyaar diya hai. 💗
Meri is rachana ke ehsaas ko ek
Writer: Mikku
Instagram:@mikkudiary
Image source: pexels
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Meri is diary ki har rachna
meri niji (personal) soch aur
mehnat hai. Bina anumati
(permission) ke ise copy-paste
karna, kisi aur platform par
apne naam se dalna,
ya video/audio mein
use karna
kanoon aur ethics ke khilaf hai.
Kripya art ka samman karein. ✨








Comments
Haa muje bhi intzar se apni ki hui mehnat k fal ka
Haa intzar h muje mere un sapno ke saakar hone ka jo in khuli aankho ne dekhe hai
Ab hume bhi hai apke next blog ka “ Intzaar”🤗👍👌😍
Next blog jld hi aayga 🤗💗
शायद वही जिंदगी का असली इम्तिहान है.... 🫠🫶